التكاثر

At-Takathur (बाहुल्य ( अधिकता ) की होड़)

कुल आयतें: 8
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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

[ आरंभ ( शुरू ) ] अल्लाह के नाम से जो अत्यंत दयावान, निरंतर ( असीम ) दयाशील है ।

1

أَلْهَاكُمُ التَّكَاثُرُ

तुम्हें उलझा दिया ( विमुख / असावधान कर दिया ) बाहुल्य की होड़ ( और अधिक पाने की लालसा ) ने।

2

حَتَّىٰ زُرْتُمُ الْمَقَابِرَ

यहाँ तक कि तुमने कब्रें जा देखीं ( स्वयं जा पहुँचे )।

3

كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ

कदापि नहीं ! शीघ्र ( जल्द ) ही तुम जान लोगे।

4

ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ

फिर ! कदापि नहीं ! शीघ्र ( जल्द ) ही तुम जान लोगे।

5

كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ الْيَقِينِ

कदापि नहीं ! यदि तुम निश्चित ज्ञान जानते !

6

لَتَرَوُنَّ الْجَحِيمَ

तुम अवश्य भड़कती हुई आग ( जहन्नम ) को देखोगे।

7

ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيْنَ الْيَقِينِ

फिर ! तुम उसे अवश्य प्रत्यक्ष निश्चय ( निश्चय की आँख ) से देखोगे।

8

ثُمَّ لَتُسْأَلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ النَّعِيمِ

फिर ! तुमसे उस दिन अवश्य पूछा जाएगा नेमतों ( सुख सुविधाओं ) के बारे में ।