التكاثر
At-Takathur (बाहुल्य ( अधिकता ) की होड़)
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ
[ आरंभ ( शुरू ) ] अल्लाह के नाम से जो अत्यंत दयावान, निरंतर ( असीम ) दयाशील है ।
أَلْهَاكُمُ التَّكَاثُرُ
तुम्हें उलझा दिया ( विमुख / असावधान कर दिया ) बाहुल्य की होड़ ( और अधिक पाने की लालसा ) ने।
حَتَّىٰ زُرْتُمُ الْمَقَابِرَ
यहाँ तक कि तुमने कब्रें जा देखीं ( स्वयं जा पहुँचे )।
كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ
कदापि नहीं ! शीघ्र ( जल्द ) ही तुम जान लोगे।
ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ
फिर ! कदापि नहीं ! शीघ्र ( जल्द ) ही तुम जान लोगे।
كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ الْيَقِينِ
कदापि नहीं ! यदि तुम निश्चित ज्ञान जानते !
لَتَرَوُنَّ الْجَحِيمَ
तुम अवश्य भड़कती हुई आग ( जहन्नम ) को देखोगे।
ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيْنَ الْيَقِينِ
फिर ! तुम उसे अवश्य प्रत्यक्ष निश्चय ( निश्चय की आँख ) से देखोगे।
ثُمَّ لَتُسْأَلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ النَّعِيمِ
फिर ! तुमसे उस दिन अवश्य पूछा जाएगा नेमतों ( सुख सुविधाओं ) के बारे में ।
