القارعة
Al-Qari'ah (खड़खड़ाने वाली ( भीषण आघात ))
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ
[ आरंभ ( शुरू ) ] अल्लाह के नाम से जो अत्यंत दयावान, निरंतर ( असीम ) दयाशील है ।
الْقَارِعَةُ
खड़खड़ाने वाली ! ( भीषण आघात )
مَا الْقَارِعَةُ
क्या है? ( वह ) खड़खड़ाने वाली ! ( भीषण आघात )
وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْقَارِعَةُ
और तुम्हें क्या पता, क्या है ? ( वह ) खड़खड़ाने वाली! ( भीषण आघात )
يَوْمَ يَكُونُ النَّاسُ كَالْفَرَاشِ الْمَبْثُوثِ
जिस दिन लोग बिखरे हुए पतंगे जैसे हो जाएंगे।
وَتَكُونُ الْجِبَالُ كَالْعِهْنِ الْمَنفُوشِ
और पर्वत ( पहाड़ ) धुनी हुई रंगीन ऊन के समान ( जैसे ) हो जाएंगे।
فَأَمَّا مَن ثَقُلَتْ مَوَازِينُهُ
तो बहरहाल ( वह ) जिसके पलड़े ( नेकी / सत्कर्म के तौल ) भारी होंगे।
فَهُوَ فِي عِيشَةٍ رَّاضِيَةٍ
तो वह मनभाते ( आनंदमय ) जीवन में होगा।
وَأَمَّا مَنْ خَفَّتْ مَوَازِينُهُ
और रहा वह जिसके पलड़े ( नेकी / सत्कर्म के तौल ) हल्के होंगे।
فَأُمُّهُ هَاوِيَةٌ
तो उसकी माँ ( अंततः वास्तविक ठिकाना ) 'हाविया' होगी।
وَمَا أَدْرَاكَ مَا هِيَهْ
और तुम्हें क्या पता, क्या है ? वह ! (हाविया)
نَارٌ حَامِيَةٌ
दहकती हुई ( अत्यंत तप्त ) आग !
