الفيل

Al-Fil (हाथी)

कुल आयतें: 5
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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

[ आरंभ ( शुरू ) ] अल्लाह के नाम से जो अत्यंत दयावान, निरंतर ( असीम ) दयाशील है ।

1

أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَابِ الْفِيلِ

क्या तुमने नहीं देखा ? तुम्हारे पालनहार ( रब ) ने हाथी वालों के साथ क्या किया !

2

أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِي تَضْلِيلٍ

क्या उसने उनकी चाल ( कपट योजना ) को विफल नहीं कर दिया ?

3

وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيلَ

और उन पर समूह में ( झुंड के झुंड ) पक्षी भेजे।

4

تَرْمِيهِم بِحِجَارَةٍ مِّن سِجِّيلٍ

( जो उन पर ) पकी मिट्टी से ( बने ) कंकड़ियाँ ( पत्थर ) मारते ( बरसाते ) थे।

5

فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍ مَّأْكُولٍ

तो उन्हें ( ऐसा ) बना दिया जैसे चूर्णित ( खाया हुआ ) भूसा।