النصر

An-Nasr (सहायता)

कुल आयतें: 3
मदीना में अवतरित की गई
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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

[ आरंभ ( शुरू ) ] अल्लाह के नाम से जो अत्यंत दयावान, निरंतर ( असीम ) दयाशील है ।

1

إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ

( हे नबी ﷺ ) जब अल्लाह की सहायता और विजय ( फ़तह ) आ पहुँचे ।

2

وَرَأَيْتَ النَّاسَ يَدْخُلُونَ فِي دِينِ اللَّهِ أَفْوَاجًا

और तुम देखो, लोगों को सेना के सेना ( झुंड / समूह में ) अल्लाह के दीन ( धर्म ) में प्रवेश करते हुए।

3

فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَاسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُ كَانَ تَوَّابًا

तो अपने पालनहार ( रब ) की प्रशंसा ( स्तुति ) के साथ तस्बीह ( महिमा, पवित्रता वर्णन ) करो, और ( उससे ) क्षमा माँगो। निःसंदेह वह पश्चात्ताप ( क्षमा / तौबा ) स्वीकार करने वाला है।