الفلق

Al-Falaq (प्रभात)

कुल आयतें: 5
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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

[ आरंभ ( शुरू ) ] अल्लाह के नाम से जो अत्यंत दयावान, निरंतर ( असीम ) दयाशील है ।

1

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ

कहो ! मैं शरण ( पनाह ) माँगता हूँ, प्रभात ( सुबह ) के पालनहार ( मालिक ) की।

2

مِن شَرِّ مَا خَلَقَ

( हर उस चीज़ की ) बुराई से, जो उसने रची ।

3

وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ

और अंधेरी ( रात्रि ) की बुराई से, जब वह ( उसका अंधकार ) छा जाए।

4

وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ

और गाँठों में फूँक मारने वाली ( स्त्रियों ) की बुराई से।

5

وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ

और ईर्ष्या करने वाले की बुराई से, जब ( वह ) ईर्ष्या करे।