التين
At-Tin (अंजीर)
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ
[ आरंभ ( शुरू ) ] अल्लाह के नाम से जो अत्यंत दयावान, निरंतर ( असीम ) दयाशील है ।
وَالتِّينِ وَالزَّيْتُونِ
कसम है अंजीर की और ज़ैतून की !
وَطُورِ سِينِينَ
और सिना पर्वत ( तूरे - सिनीन ) की !
وَهَـٰذَا الْبَلَدِ الْأَمِينِ
और इस शांतिपूर्ण शहर ( मक्का ) की ।
لَقَدْ خَلَقْنَا الْإِنسَانَ فِي أَحْسَنِ تَقْوِيمٍ
निःसंदेह हमने इंसान को सर्वोत्तम ढांचे ( संरचना ) में रचा।
ثُمَّ رَدَدْنَاهُ أَسْفَلَ سَافِلِينَ
फिर हमने उसे नीचों में सबसे नीचा ( निम्न स्तर में ) कर दिया ।
إِلَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ
सिवाय उनके जो ईमान लाए और सत्कर्म किए ; तो उनके लिए अटूट ( समाप्त ना होने वाला ) प्रतिफल है।
فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِالدِّينِ
तो ( इसके ) बाद तुम्हें क्या ( चीज़ ) झुठलाती है, बदले ( क़यामत / न्याय के दिन ) के विषय में ?
أَلَيْسَ اللَّهُ بِأَحْكَمِ الْحَاكِمِينَ
क्या अल्लाह ( सब ) हाकिमों में सबसे बड़ा ( उचित ) हाकिम ( फ़ैसला करने वाला ) नहीं है ?
