الزلزلة
Az-Zalzalah (भूकम्प)
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ
[ आरंभ ( शुरू ) ] अल्लाह के नाम से जो अत्यंत दयावान, निरंतर ( असीम ) दयाशील है ।
إِذَا زُلْزِلَتِ الْأَرْضُ زِلْزَالَهَا
जब धरती अपने ( प्रचंड ) भूचाल से हिलाई जाएगी !
وَأَخْرَجَتِ الْأَرْضُ أَثْقَالَهَا
और धरती अपने बोझ बाहर निकाल फेंकेगी !
وَقَالَ الْإِنسَانُ مَا لَهَا
और इंसान कहेगा इसे क्या हुआ है ?
يَوْمَئِذٍ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا
उस दिन वह अपने वृत्तांत ( समाचार ) बता देगी !
بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا
क्योंकि तुम्हारे रब ने उसे आदेश दिया ( होगा ) ।
يَوْمَئِذٍ يَصْدُرُ النَّاسُ أَشْتَاتًا لِّيُرَوْا أَعْمَالَهُمْ
उस दिन लोग अलग - अलग ( होकर ) आयेंगे , ताकि उन्हें उनके कर्म दिखाए जाएं।
فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًا يَرَهُ
तो जिसने कण भर ( भी ) भलाई की होगी , वह उसे देख लेगा !
وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ شَرًّا يَرَهُ
और जिसने कण भर ( भी ) बुराई की होगी, वह उसे देख लेगा !